हाड़ी रानी ।Story। |।VJ।|
हाड़ी रानी (सल्जत कँवर/ हाड़ी रानी) मेवाड़ के शासक महाराणा राजसिंह के समय दिल्ली पर मुग़ल शासक औरंगज़ेब का राज था। राजसिंह और औरंगज़ेब के बीच कई मतभेद थे। एक बार औरंगज़ेब किशनगढ़ की राजकुमारी चारुमती को देख उसपर मोहित हो गया। चारुमती किशनगढ़ के राजा रूपसिंह की पुत्री तथा मानसिंह की बहिन थी। औरंगज़ेब ने मानसिंह को दिल्ली बुलाया और उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। मानसिंह के मना करने पर औरंगज़ेब ने धमकाया। मानसिंह ने जब वापस आकर पिता को यह बात बताई तो राजा रूपसिंह का चेहरा पीला पड़ गया, चारुमती सुनकर रोने लगी और इनकार कर दिया। (महाराणा राजसिंह) जब औरंगज़ेब को पता चला कि चारुमती ने विवाह से मना कर दिया तो औरंगज़ेब खुद किशनगढ़ पहुँच गया, वहाँ जाकर रूपसिंह के सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। जब रूपसिंह ने कहा कि हम राजपूत मुग़लो से विवाह संबंध नही बनाते तो औरंगज़ेब ने अकबर और जहाँगीर का उदाहरण दिया जिन्होंने राजपूतो के साथ विवाह संबंध बनाए थे। मज़बूरन रूपसिंह को मानना पड़ा और औरंगज़ेब तथा चारुमती की सगाई की गई। जब बात राजसिंह के कानो में पड़ी तो राजसिंह भी किशनगढ़ जा पहुँचे और राजा रूपसिंह ...